अंगुली चटकाने का शौक देता इस बिमारी को दावत!

अक्सर आप में से बहुत से लोग उंगलियों के जोडों के साथ ही साथ घुटनों, टखनों, कमर, गर्दन आदि को चटकाते रहते हैं। इनमें से आने वाली आवाजों के पीछे कई अलग-अलग कारण होते हैं। बचपन से आप ये सुनते आ रहे होगें कि अंगुलिया चटकाने से हड्डियों को आराम मिलता है, आप बहुत हल्का महसूस करते हैं। लेकिन आपको बता दें अंगुलिया चटकाने से हड्डियों पर फर्क पड़ता है, इससे आप हल्का महसूस नहीं करेगें बल्कि इससे आपको गठिया की समस्या भी हो सकती है। लेकिन थकान और आदत से मजबूर होने के कारण हम अपनी इस गलत आदत को अभी तक सुधार नहीं पाएं। अगर आपको भी अंगुलिया चटकाने की बुरी आदत हो तो अभी भी संभल जाएं आइए जानते हैं अंगुलिया चटकने पर जो आवाज आती है उसके पीछे का कारण क्या हैं।–

 

– कब चटकाते हैं अंगुली

कुछ लोगो में अंगुलियां चटकाने की आदत ही होती है। उसके अलावा ज्यादातर लोग थकान मिटाने के लिए उंगलिया चटकाते हैं। ज्यादा देर तक कम्प्यूटर पर बैठे रहने से अंगु‍लियों में थकान हो जाती है। लगातार काम के चलते शरीर के अन्य अंग भी थक जाते हैं, उनकी थकान को तुंरत राहत देने के लिए चटकाना आसान लगता है।

– आवाज का कारण

अंगुलियों को चटकाते समय आने वाली आवाज, हमारे जोड़ों मे पाए जाने वाले लुब्रीकेंट पदार्थ सानोवियल फ्लड होता है। जिससे निकलने वाली गैस की बबल होती है। वहीं जल्दी से उठते समय घुटनो से आने वाले तड़कने की आवाज नसों की मांसपेशियों और हड्डियों के ओर चलने की आवाज होती है। जैसे ही नसें अपनी जगहों पर वापस पंहुचती है उनके स्थित होने की आवाज आती है। गठिया से पीडित जोडों मे अक्सर तरलता की कमी और सतहों का खुरदुरा हो जाने के कारण आवाज आती है।

– अंगुलियां चटकाना है नुकसानदायक

कुछ लोगों को लगता है कि अंगुलिया चटकाने से गठिया की समस्या हो जाती है। लेकिन ये बात सच है ज्यादा अंगुलिया चटकाने से गठिया की समस्या होने के ज्यादा चांसेस होते है। अगर चटकाने से आपको किसी तरह के दर्द का अनुभव हो रहा हो तो डॉक्टर की सलाह लें। कुछ शोधों का मानना है कि अंगुलिया चटकाने से किसी तरह का नुकसान नहीं होता है।

हालांकि कुछ शोधों में ऐसा भी देखा गया है कि जरूरत से ज्यादा चटकाने से हाथों की पकड़ भी खराब हो सकती है साथ ही सूजन की समस्या भी हो सकती है। कभी कभी अंगुलिया चटकाने से ख़ुद को चोट पहुंचाने की ख़बरें सुनाने को मिलती हैं, जिसमें अंगूठे या उंगली में चोट शामिल होती। अंगुलिया चटकाना एक आदत बन जाती है जो कि अच्‍छी नही है।

(कविता सक्सेना)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *