डिप्रेशन है तो इन बातों पे जरुर दें ध्यान

वैश्विक स्तर पर मध्यम आय वाले देशों में बीमारी का सबसे मुख्य कारण डिप्रेशन हैं। वैश्विक स्तर पर डिप्रेशन को गैर घातक स्वास्थ्य सम्बन्धी बीमारियों में डिप्रेशन सबसे बड़ा योगदानकर्ता माना गया हैं। विश्‍व स्वास्थ्‍य संगठन की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक दशक में डिप्रेशन के मामलों में 18% की बढ़ोतरी हुई है जिसमें 25% भारतीय किशोर होते हैं. भारत में 13 से 15 साल की उम्र का हर 4 में से 1 बच्चा अवसाद यानी डिप्रेशन का शिकार है. भारत की जनसंख्या 131.11 करोड़ है जिसमें से 13 से 15 साल की उम्र के किशोरों की संख्या 7.5 करोड़ है. यह कुल जनसंख्या का 5.8% है. पूरे दक्षिण-पूर्व एशिया की बात करें तो 8.6 करोड़ लोग डिप्रेशन की चपेट में हैं.

भारत में कॉर्पोरेट कर्मचारियों के एक सर्वे में यह पाया गया कि लगभग 42. 5 % कॉर्पोरेट कर्मचारी डिप्रेशन का शिकार हैं।

गुस्सा करना इंसान की फितरत है और इस गुस्से के कारन अकेलापन, चिड़चिड़ापन, उदासी, कुण्ठा, तनाव, आत्महत्या की इच्छा होना, अवसाद इत्यादि होना आम बात हैं। गुस्से के कारण व्यक्ति आपराधिक प्रवर्ति का हो जाता हैं और उसे कई बीमारियां भी घेर लेती हैं। क्रोध डिप्रेशन का सबसे बड़ा कारण होता हैं। डिप्रेशन यानी अवसाद मानसिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इसका असर स्वास्थ्य पर भी पड़ता है और व्यक्ति के मन में अजीब से विचार आते हैं। अवसाद के कारण व्यक्ति अपना खुद का नुकसान भी कर बैठता है।

अवसाद वाले लोगों में आमतौर पर निम्नलिखित में से कई लक्षण होते हैं: ऊर्जा का नुकसान; भूख में बदलाव; अधिक या कम सोना; चिंता, कम एकाग्रता; अनिश्चितता; बेचैनी; बेकारता, अपराध, या निराशा की भावनाएं और आत्म-हानि या आत्महत्या के विचार।

आइए डिप्रेशन के कारण होने वाले व्यवहार में आने वाले बदलावों पर नज़र डालते हैं और जानते है किन बातों का ध्यान रखकर आप डिप्रेशन से बच सकते हैं –

डिप्रेशन के कुछ लक्षण:-
नींद न आना या कम आना
भूख कम लगना
दिमाग परेशान रेहान
हर समय उदास रहना
आत्मविश्वास में कमी
अत्यधिक थकान और सुस्ती
हर वक़्त उत्तेजना रहना
बुरी आदतों जैसे स्मोकिंग, ड्रिंकिंग आदि मादक पदार्थों का सेवन करना
आत्महत्या करने का ख़्याल
किसी काम में मन ना लगना

डिप्रेशन से बचने के उपाय  –
अपने आपको परिवार में सम्मिलित करें – डिप्रेशन वाले लोगों को इससे उबरने के लिए नियमित तौर पर परिवार के साथ समय व्यतीत करना चाहिए। ऐसे में उन लोगो से जिन पर आप भरोसा करते हों या जो आपके विश्वास पात्र हो उन्हें अपनी समस्या बताएं और उनसे मदद मांगें।

अच्छी आदतें, रोज़ाना व्यायाम और संतुलित आहार शैली – अच्छी आदतों को अपनाएं जैसे समय पर सपना और समय पर उठना। रोज़ाना व्यायाम करना जिससे शरीर ऊर्जावान रहें। संतुलित आहार शैली अपनाना। स्वस्थ मन तो स्वस्थ शरीर। कई वैज्ञानिक शोध प्रमाणित करते हैं कि व्यायाम डिप्रेशन को दूर करने का सबसे अच्छा तरीक़ा है।

नकारात्मक विचारों से बचें और अच्छे दोस्तों से मिलें – नकारात्मक विचार व्यक्ति के दिमाग में असंतुलन पैदा करते हैं, इनसे बचें। अच्छे दोस्तों के साथ समय बिताएं और उनके साथ कही छुटिटयां मानाने जाएं।

(हेमलता)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *